यूपी – गाजियाबाद, केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलाव एवं उसके नाम को निरस्त करने की कथित योजना के विरोध में बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने गाजियाबाद में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सतीश शर्मा एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीर सिंह जाटव के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा जैसे ऐतिहासिक और अधिकार आधारित जनकल्याणकारी कानून को कमजोर करने के लिए सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। यह सामान्य विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के कानूनी अधिकारों को छीनने और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम व मूल्यों को एक प्रमुख कल्याणकारी कानून से हटाने की राजनीतिक चाल है। कांग्रेस ने कहा कि मनरेगा देश के ग्रामीण मजदूरों के लिए काम का कानूनी अधिकार सुनिश्चित करता है, जिसे समाप्त कर सरकार उन्हें केंद्र के नियंत्रण वाली दयादान व्यवस्था पर निर्भर बनाना चाहती है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें लेकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, बापू तेरा नाम रहेगा” और “रघुपति राघव राजा राम” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी केंद्र सरकार की इस मनमानी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं करेगी और ग्रामीण मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष विजेंद्र यादव, महिला जिला अध्यक्ष कमलेश कुमारी, डोली त्यागी, एससी विभाग जिला अध्यक्ष आशीष प्रेमी, मीडिया प्रभारी आशुतोष गुप्ता, कोषाध्यक्ष अश्वनी त्यागी, विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष मनोज कुमार राय, विधानसभा प्रत्याशी नीरज प्रजापति सहित सुरेश दोसा, अनवर कुरैशी, आबिद अली, शिवदत्त अधना, हरिओम गुप्ता, एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत, रवि शंकर, सूर्य मोहसिन, राजीव शर्मा, बबलू शर्मा सहित शहर, महानगर और जिले के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता व फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।







