यूपी – गाजियाबाद, हिंडन। भारतीय वास्तुकार संस्थान (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स–IIA) के उत्तर प्रदेश चैप्टर द्वारा आयोजित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स प्रीमियर लीग (IIAPL) गोल्फ टूर्नामेंट के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को हिंडन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स गोल्फ कोर्स में हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के एकदिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए आर्किटेक्ट्स ने भाग लिया, जिससे गाजियाबाद वास्तुकार समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मिलन स्थल के रूप में उभरा।

टूर्नामेंट के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसी क्रम में IIA के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक भी संपन्न हुई, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। प्रतियोगिता स्टेबलफोर्ड प्रारूप में खेली गई, जिसमें विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरुष वर्ग में आर्किटेक्ट अमित कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आर्किटेक्ट बिनेश सुकुमार उपविजेता रहे। महिला वर्ग में आर्किटेक्ट श्वेता के ने प्रथम स्थान हासिल किया, आर्किटेक्ट रिधिमा बजाज द्वितीय तथा आर्किटेक्ट शिल्पा जैन तृतीय स्थान पर रहीं।
खेल कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यक्तिगत पुरस्कार भी प्रदान किए गए। ‘क्लोजेस्ट टू द पिन’ पुरस्कार आर्किटेक्ट समीर दिवेकर को, ‘स्ट्रेट ड्राइव’ आर्किटेक्ट राजीव गांधी को, ‘लॉन्गेस्ट ड्राइव’ आर्किटेक्ट राहुल त्यागी को तथा ‘मॉन्स्टर ड्राइव’ पुरस्कार आर्किटेक्ट जयप्रकाश को दिया गया। उभरते गोल्फ खिलाड़ियों के लिए आयोजित विशेष एंटरटेनमेंट राउंड में आर्किटेक्ट प्रियंक श्रीवास्तव विजेता और आर्किटेक्ट अवितेश उपविजेता रहे।
इस अवसर पर IIA उत्तर प्रदेश चैप्टर के चेयरमैन आर्किटेक्ट संदीप कुमार सरस्वत ने कहा कि गाजियाबाद में राष्ट्रीय स्तर के IIA आयोजन का सफल आयोजन उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। टूर्नामेंट के संयोजक एवं IIA गाजियाबाद सेंटर के चेयरमैन आर्किटेक्ट योगेश त्यागी ने विभिन्न राज्यों से मिली सहभागिता को आयोजन की लोकप्रियता का प्रमाण बताया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में IIA गाजियाबाद सेंटर की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी टीम—आर्किटेक्ट पूजा, प्रियंका, शिल्पा जे, सुबीर, संजय पांडे, सीमंत, सचिन, शिल्पा ए, अरुण, राहुल त्यागी और गौरव सैनी—की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने गाजियाबाद को राष्ट्रीय स्तर के वास्तु आयोजन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया।







