यूपी – गाजियाबाद से भाजपा के सक्रिय सदस्य एवं उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित अशोक भारतीय ने उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही उपेक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने नव निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल भी उठाए।
पंडित अशोक भारतीय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लगभग चार वर्ष हो चुके हैं और वर्ष 2027 में अगला विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। इसके अलावा नगर निगम और नगर पालिकाओं का कार्यकाल भी आधा बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न स्तरों पर कार्यकर्ताओं का समायोजन नहीं हो पा रहा है। नगर निगम और नगर पालिकाओं में नामित सदस्यों के कई पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को महीने के 30 दिनों में 30 से अधिक कार्यक्रम सौंपे जाते हैं और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आस्था और विश्वास के चलते पूरी निष्ठा से उन्हें सफल बनाने में जुटे रहते हैं, इसके बावजूद उन्हें सम्मान और दायित्व नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व को इस ओर शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
पंडित अशोक भारतीय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीमित भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सभी पूर्वी उत्तर प्रदेश से हैं, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा महसूस की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस असंतुलन को दूर नहीं किया गया, तो 2027 के चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश नेतृत्व से मांग की कि भाजपा कार्यकर्ताओं के समायोजन पर गंभीरता से विचार किया जाए, रिक्त पदों को भरा जाए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता की वर्षों पुरानी हाईकोर्ट बेंच की मांग को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं को एक गोपनीय पत्र भी भेजा जा रहा है, ताकि समय रहते ठोस निर्णय लिया जा सके।







