यूपी – गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अभियंत्रण अनुभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना रहा, ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक समय पर पहुंच सके।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि किसी भी नए विकास कार्य को प्रारंभ करने से पहले एस्टिमेट तैयार करने की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे एस्टिमेट तैयार करने में होने वाली अनावश्यक देरी को रोका जा सके। साथ ही, सभी विकास कार्यों की निगरानी के लिए एक समर्पित वर्क मॉनिटरिंग पोर्टल तैयार करने पर भी जोर दिया गया, ताकि प्रत्येक कार्य की प्रगति पर नियमित नजर रखी जा सके।
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय की बचत सुनिश्चित करने के लिए टेंडर से संबंधित समस्त कार्यवाही को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि अवर अभियंता स्तर से एस्टिमेट समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। यदि किसी अवर अभियंता द्वारा एस्टिमेट तैयार करने में अनावश्यक विलंब किया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे संबंधित कार्य से हटाया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक विकास कार्य के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कार्य में देरी पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एजेंसी पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि सभी कार्यों के दौरान ग्रेप (GRAP) के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, जिससे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन न हो।
अंत में उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दें, ताकि गाजियाबाद के नागरिकों को बेहतर और टिकाऊ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।







