नई दिल्ली – इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित कार्यक्रम में गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम द्वारा की जा रही युद्धस्तरीय कार्यवाही और आगामी योजनाओं को साझा किया। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके समक्ष नगर निगम की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
प्रेजेंटेशन में नगर आयुक्त ने सड़कों को धूलमुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। इसमें कच्ची सड़कों को पक्का करने, खाली स्थानों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने और नियमित रोड स्वीपिंग को प्रमुख बताया गया। नगर निगम द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 13 रोड स्वीपिंग मशीन, 18 एंटी-स्मोक गन और 42 वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही निगम की भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण, ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को हरा-भरा बनाने की कार्यवाही भी जारी है।
नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान प्रयासों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। आगामी चरण में लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर हरियाली बढ़ाने, 150 करोड़ रुपये की लागत से मलिन बस्तियों व मुख्य मार्गों पर पक्की सड़कों के निर्माण और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने की योजना है। जनवरी माह से ITMS की शुरुआत कर शहर में डी-कंजेशन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे जाम मुक्त यातायात और बेहतर वायु गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी।
कार्यक्रम में गाजियाबाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉदड़ भी उपस्थित रहे। वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर गाजियाबाद में चल रहे महाअभियान की सराहना की गई और नगर निगम टीम के प्रयासों को केंद्रीय मंत्री सहित सभी उपस्थित जनों ने सराहा।







