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ऐतिहासिक ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ रैली में उमड़ा जनसैलाब, मीडिया कवरेज पर उठे सवाल

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दिल्ली –  रामलीला मैदान दिल्ली में रविवार 14 दिसंबर 2025 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित ऐतिहासिक ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ रैली में देशभर से कांग्रेस नेताओं, सांसदों, विधायकों, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों, फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधियों और लाखों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रामलीला मैदान और उसके आसपास चार किलोमीटर तक पैदल चलने की भी जगह नहीं बची थी। मैदान के भीतर प्रवेश के लिए भी भारी भीड़ उमड़ी रही और चप्पे-चप्पे पर कांग्रेस समर्थक मौजूद थे।

इस ऐतिहासिक रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हालांकि, इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की रैली के बावजूद राष्ट्रीय मीडिया चैनलों द्वारा इसके समुचित कवरेज न किए जाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी देखने को मिली। डिजिटल मीडिया के लगभग 100 से 200 कर्मियों और कुछ राष्ट्रीय चैनलों की मौजूदगी के बावजूद रैली का प्रसारण नाममात्र ही दिखाया गया। आरोप लगाया गया कि जनसैलाब और रैली के व्यापक स्वरूप को नजरअंदाज कर अन्य गतिविधियों पर अधिक फोकस किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया बताते हुए ऐसे चैनलों के बहिष्कार की बात कही।

गाजियाबाद जिले से भी इस रैली में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। डासना से दो बस, मोदीनगर से दो बस, खोड़ा कॉलोनी से तीन बस, लोनी से एक बस, मुरादनगर से एक बस और संजय नगर से अनेक कार्यकर्ता निजी साधनों व मेट्रो के माध्यम से रैली में शामिल हुए। बसों की जिम्मेदारी अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा संभाली गई।

रैली में गाजियाबाद से कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी, विधानसभा प्रत्याशी, जिला व महानगर स्तर के नेता तथा फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण सभी को एक स्थान पर एकत्र करना संभव नहीं हो सका। आयोजकों ने किसी का नाम छूट जाने पर खेद व्यक्त करते हुए गाजियाबाद से पहुंचे सभी कांग्रेसजनों का दिल से आभार जताया और इस ऐतिहासिक रैली को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।