
यूपी – गाजियाबाद, विद्या भारती पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शैक्षिक परिषद् की त्रिदिवसीय कार्यशाला का प्रथम दिवस शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्या मंदिर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, मेरठ प्रांत के तत्वावधान में 12 से 14 दिसंबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का शुभारम्भ विद्या भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस त्रिदिवसीय आयोजन को चार सत्रों में विभाजित किया गया है, जिनका उद्देश्य शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, मूल्याधारित शिक्षा तथा राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ करना है। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्य, दिशा और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन, नवाचार और चरित्र निर्माण को समय की आवश्यकता बताते हुए शिक्षकों को प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रथम दिवस के दौरान शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन, मूल्य आधारित शिक्षा, नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियाँ, प्रभावी कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास, शिक्षक की भूमिका तथा विद्यालय नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण सत्र, परिचर्चाएँ और समूह गतिविधियाँ आयोजित की गईं। क्षेत्र के अनुभवी एवं विशेषज्ञ वक्ताओं ने वर्तमान शैक्षिक चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक, व्यवहारिक और प्रभावी शिक्षण कार्यप्रणालियों को अपनाने पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्या भारती से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षा को अधिक प्रभावी, संस्कारयुक्त, चरित्र निर्माणपरक, राष्ट्रनिष्ठ एवं नवाचार-सम्पन्न बनाना है, ताकि विद्यार्थी सक्षम, संवेदनशील और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में विकसित हो सकें।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम आरावकर, क्षेत्रीय मंत्री लक्ष्मण सिंह बिष्ट तथा क्षेत्रीय संगठन मंत्री मान डोमेश्वर साहू की विशेष उपस्थिति रही। त्रिदिवसीय कार्यशाला के आगामी सत्रों में शिक्षा के विभिन्न आयामों पर गहन विमर्श एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।







