यूपी – गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एलआईजी एवं ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवासों का कब्जा समय पर न देने वाले निजी विकासकर्ताओं के खिलाफ सख़्त निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जन सुनवाई के दौरान उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी प्रोजेक्ट्स में कमजोर वर्ग के आवंटियों को निर्धारित समय पर मकानों का कब्जा नहीं दिया जा रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति का मुख्य उद्देश्य ऐसे सभी निजी विकासकर्ताओं की पहचान करना है जो एलआईजी/ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण या कब्जा देने में अनावश्यक देरी कर रहे हैं और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में सचिव राजेश कुमार सिंह ने देर शाम अधीनस्थ अधिकारियों और सभी जोन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जोन अधिकारी अपने क्षेत्र में उन निजी विकासकर्ताओं की विस्तृत सूची तैयार करें जो एलआईजी/ईडब्ल्यूएस भवनों का कब्जा समय पर नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि प्रकरणों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय की जा सके। सचिव ने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया की कड़ाई से निगरानी की जाएगी, जिससे आवंटियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
केंद्र और राज्य सरकार के मानकों के अनुसार प्रत्येक निजी आवासीय परियोजना में एलआईजी/ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैटों का समयबद्ध निर्माण और कब्जा अनिवार्य है। इसके बावजूद हाल के समय में कई बिल्डरों द्वारा नियमों की अनदेखी कर देरी की जा रही है, जिससे सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जीडीए ने साफ कर दिया है कि दोषी पाए जाने वाले विकासकर्ताओं के खिलाफ प्रोजेक्ट अनुमोदन रोकने, कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी न करने और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में नियोजित विकास के साथ-साथ होमबायर्स, विशेषकर एलआईजी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।







