यूपी – गाजियाबाद पब्लिक स्कूल में मंगलवार को BIRAJ Foundation द्वारा संचालित ‘पिंक सेफ्टी ड्राइव’ के तहत 10 से 18 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 200 छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाना तथा उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
सत्र की मुख्य ट्रेनर डॉ. मोनिशा शर्मा ने छात्राओं को सरल और सहज भाषा में बताया कि कौन-सा स्पर्श सुरक्षित माना जाता है और कौन-सा असुरक्षित। उन्होंने कहा कि किशोरियों के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। कई बच्चे भय या शर्म की वजह से बात साझा नहीं कर पाते, इसलिए उन्हें छोटी उम्र से ही सही–गलत की पहचान सिखाना आवश्यक है।
सत्र के दौरान इंटरऐक्टिव गतिविधियों, कहानियों और रोल-प्ले के माध्यम से छात्राओं को समझाया गया कि असहज स्पर्श होने पर तुरंत विश्वसनीय वयस्क को जानकारी दें, अपने निजी अंगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों ही स्थितियों में सतर्क रहें। साथ ही 1098 (चाइल्डलाइन) और 112 (पुलिस) जैसे आपातकालीन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. भावना यादव और प्रोग्राम कॉर्डिनेटर गीता ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्र बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और हर स्कूल में नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
BIRAJ Foundation के संस्थापक बिराज कुमार सिंह ने बताया कि पिंक सेफ्टी ड्राइव के अंतर्गत आने वाले दिनों में गाजियाबाद और आसपास के कई विद्यालयों में ऐसे जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में गणेश हॉस्पिटल का विशेष सहयोग रहा।







