दिल्ली – नई दिल्ली, संत निरंकारी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा शैक्षिक उत्कृष्टता, रचनात्मक प्रतिभा और मूल्याधारित शिक्षा की गौरवपूर्ण परंपरा को सम्मानित करते हुए 9 दिसंबर 2025 को तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में वार्षिक उत्कृष्टता समारोह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर संत निरंकारी पब्लिक स्कूल, अवतार एन्क्लेव ने अपनी 30 वर्षों की सफल शिक्षण यात्रा का भव्य उत्सव प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय “किताबें करती हैं बातें” रहा, जिसे छात्रों ने सृजनात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आकर्षक रूप से अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाटक और विविध गतिविधियों के माध्यम से अनुशासन, कला और सृजनशीलता का अद्भुत प्रदर्शन कर उपस्थित जनमानस का मन मोह लिया।
समारोह की विशेषता रही सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता रमित की पावन उपस्थिति। सतगुरु माता ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संवेदनशीलता, नैतिकता और मनुष्यत्व के गुणों का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे शिक्षा, खेल या किसी भी करियर में आगे बढ़ते हुए मानवता और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखें।
निरंकारी राजपिता रमित ने भी छात्रों के आत्मविश्वास और प्रदर्शन की सराहना की।

कार्यक्रम में जोगिंदर सुखीजा, सचिव (शिक्षा विभाग प्रभारी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने संत निरंकारी पब्लिक स्कूलों के मूल्याधारित शिक्षण मॉडल को आधुनिक शिक्षा की सुदृढ़ आधारशिला बताया।
समारोह का सफल संचालन रमन सिंह मनहास, शिक्षा समन्वयक (संत निरंकारी मंडल) ने किया। उन्होंने बताया कि इस उत्सव में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई शिक्षण संस्थानों—अवतार एन्क्लेव, तिलक नगर, गोविंदपुरी, मालवीय नगर, निरंकारी कॉलोनी, पहाड़गंज, फरीदाबाद, लुधियाना और होशियारपुर—ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम के अंत में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता रमित द्वारा “मिरर-ए-रिफलेक्शन” पुस्तक का विमोचन किया गया, जो सकारात्मकता, आत्मचिंतन और ज्ञानवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक कृति है।
यह समारोह विद्यार्थियों की उपलब्धियों, शिक्षकों के समर्पण और संस्थान की 30 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।






