यूपी – गाजियाबाद 7 दिसंबर। हिंदी भवन समिति गाजियाबाद द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में साहित्य प्रेमियों ने चार घंटे तक कविताओं और ग़ज़लों का आनंद लिया। दिनेश चंद गर्ग प्रेक्षागृह, लोहिया नगर में आयोजित कार्यक्रम दोपहर साढ़े तीन बजे से रात आठ बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे और हर प्रभावशाली पंक्ति पर खुलकर दाद दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध शायर विजेंद्र सिंह परवाज ने की। उनकी प्रस्तुत ग़ज़लों को श्रोताओं ने बेहद सराहा, विशेषकर यह शेर— “ये जिंदगी भी कैसे बहाने में कट गई, जैसा नहीं हूं वैसा दिखाने में कट गई।” दिल्ली से आए हास्य कवि अनिल अग्रवंशी की गंभीर और संवेदनशील अभिव्यक्ति ने भी लोगों का दिल जीता।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे शायर राज कौशिक के अशआर— “अमीरी खौफ लाती है बुरा कुछ अब न हो जाए”—को खूब सराहना मिली। कवयित्री अंजू जैन की पंक्तियों ने भी सभागार में विशेष प्रभाव छोड़ा। इसके अलावा डॉ. नवाज़ देवबंदी, नईम अख़्तर, हिमांशी बाबरा, आलोक यादव और डॉ. नदीम शाद ने अपनी रचनाओं से वातावरण को साहित्यिक रसधारा से भर दिया।
हिंदी भवन समिति अध्यक्ष ललित जायसवाल, महासचिव सुभाष गर्ग, कोषाध्यक्ष योगेश गर्ग सहित अन्य पदाधिकारियों ने रचनाकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह तथा विशेष अतिथि पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी और पूर्व मेयर आशु वर्मा ने भी अपनी बातें रखीं। आयोजन को साहित्य प्रेमियों ने अत्यंत सफल और यादगार बताया।







