यूपी – गाजियाबाद, भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) कड़कड़ मॉडल इकाई का सम्मेलन उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता सत्येंद्र सिंह सेंगर ने की, जबकि उद्घाटन DYFI दिल्ली प्रदेश के राज्य सचिव अमन सैनी ने किया। अपने संबोधन में अमन सैनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्म–जाति की राजनीति के सहारे युवाओं के वास्तविक सवालों से बच रही है, जबकि प्रदेश और देश में लाखों सरकारी पद खाली पड़े हुए हैं, पर भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई है।
राज्य सचिव ने चार नए श्रम संहिताओं को मजदूरों और युवाओं पर बोझ बढ़ाने वाले काले कानून बताया तथा इनके खिलाफ व्यापक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन संहिताओं के विरोध में आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।
सम्मेलन में इलाके में नशे के बढ़ते कारोबार और युवाओं में बढ़ती लत पर गंभीर चिंता जताई गई। प्रस्ताव पारित कर नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाने और युवाओं को सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
स्थानीय समस्याओं — बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षा व स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति, रोजगार के अभाव और कानून–व्यवस्था — पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन ने इन मुद्दों पर जनसुनवाई, ज्ञापन और चरणबद्ध आंदोलनों का कार्यक्रम तय किया।
अंत में 13 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया, जिसमें अंकुश सिंह अध्यक्ष और रोहित सेंगर सचिव चुने गए। नई कमेटी ने क्षेत्र के युवा संगठित कर शिक्षा, रोजगार और नशामुक्त समाज के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।







