यूपी – गाजियाबाद, 6 दिसंबर 2025 यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नेहरू नगर, गाजियाबाद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली बार वेगस नर्व स्टिमुलेशन (VNS) सर्जरी सफलतापूर्वक कर एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि हासिल की है। यह उन्नत न्यूरोसर्जिकल प्रक्रिया रिफ्रैक्टरी एपिलेप्सी से पीड़ित पापुआ न्यू गिनी की एक बच्ची पर की गई, जो दवाओं से नियंत्रित न होने वाली मिर्गी की समस्या से जूझ रही थी।
इस दुर्लभ और विशेष प्रक्रिया का नेतृत्व न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. पुनीत मलिक ने किया। टीम में डॉ. (प्रो.) ब्रिगेडियर यादवेंद्र सिंह सिरोही (न्यूरोलॉजी), एनेस्थीसिया विभाग प्रमुख डॉ. विकास चोपड़ा तथा बाल रोग एवं नियोनेटल विभाग प्रमुख डॉ. (मेजर) सचिन कुमार दुबे शामिल रहे। सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई और बच्ची अब स्वस्थ होकर रिकवरी पर है।
VNS एक मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसमें मस्तिष्क में ऑपरेशन किए बिना गर्दन में एक छोटा डिवाइस लगाया जाता है। यह डिवाइस वेगस नर्व को हल्के, नियंत्रित इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजता है, जो दिमाग की असामान्य विद्युत गतिविधि को नियंत्रित कर दौरे की तीव्रता और आवृत्ति को कम करता है। पारंपरिक ब्रेन सर्जरी की तुलना में यह प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, कम दर्दनाक और न्यूनतम रक्त हानि वाली मानी जाती है।
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र के मरीजों के लिए एडवांस्ड उपचार विकल्पों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी सफलता है। वहीं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रजत अरोड़ा ने इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहली VNS सर्जरी बताते हुए मेडिकल टीम की सराहना की।
इस सफल प्रक्रिया ने यशोदा हॉस्पिटल की अंतरराष्ट्रीय मरीजों को विश्व-स्तरीय इलाज प्रदान करने की क्षमता को और मजबूत किया है। अस्पताल पिछले 35 वर्षों से उन्नत चिकित्सा सेवाओं के साथ मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण देखभाल को सर्वोपरि रखता रहा है।







