यूपी – गाजियाबाद, मेरठ मंडलायुक्त एवं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड अध्यक्ष भानू चंद्र गोस्वामी ने सोमवार को प्राधिकरण अधिकारियों के साथ हरनंदीपुरम योजना की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में योजना से जुड़े सभी अनुभागों—प्लानिंग, भू-अर्जन और अभियंत्रण—की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की गई तथा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि हरनंदीपुरम योजना प्राधिकरण की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल है, इसलिए इसे जमीन पर उतारने के लिए विभागों में बेहतर समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना की सफलता उसकी उच्चस्तरीय प्लानिंग और सटीक डिजाइनिंग पर निर्भर करती है, इसलिए चयनित एजेंसी के कार्यों की समय-समय पर स्कोप ऑफ वर्क के अनुरूप कड़ाई से समीक्षा की जाए। एजेंसी को अगले सप्ताह विस्तृत प्रस्तुतीकरण देना होगा, ताकि योजना की दिशा और प्रक्रिया का स्पष्ट खाका सामने आ सके।
बैठक में मंडलायुक्त ने सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। देरी की स्थिति में संबंधित एजेंसी पर नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, वैज्ञानिक संसाधनों और लैबोरेटरी सुविधाओं का उपयोग अनिवार्य करने पर भी जोर दिया गया। नगर सौंदर्यीकरण कार्यों के दौरान स्ट्रक्चरल डिजाइन को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लैंड ऑडिट रिपोर्ट शीघ्र तैयार की जाए और अनिस्तारित संपत्तियों को चिह्नित कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया तेज की जाए। स्वीकृत मानचित्रों के विपरीत हो रहे निर्माण पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने की भी जरूरत बताई।
बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, सचिव राजेश कुमार सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंडलायुक्त ने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी विभाग समन्वित प्रयासों से हरनंदीपुरम योजना को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाएंगे।







