यूपी – गाजियाबाद, विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा पत्नी को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह बयान नारी समाज का अपमान है—उस नारी समाज का, जिसके मातृस्वरूप स्नेह, प्यार और आशीर्वाद के लिए देवताओं को भी मानव रूप में अवतार लेना पड़ता है।
बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि सोशल मीडिया पर रामभद्राचार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ‘वाइफ’ शब्द का फुलफॉर्म बताते हुए इसे
W – वंडरफुल
I – इंस्टूमेंट
F – फॉर
E – इंजॉय
बताते हैं।
हिंदी में इसका अर्थ “आनंद का साधन” होता है, जिसे बीके शर्मा हनुमान ने अत्यंत आपत्तिजनक बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पत्नी का अर्थ केवल आनंद या हनीमून तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पति के साथ यज्ञ में भाग लेने वाली सहधर्मचारिणी होती है—एक ऐसी जीवनसंगिनी, जिसका उद्देश्य पुरुष का मार्गदर्शन, सहयोग और साथ निभाना होता है, न कि मात्र भोग का माध्यम बनना।
वीडियो में रामभद्राचार्य ने यह भी कहा है कि पत्नी चंद्रमा की तरह मधुर और स्थिर होनी चाहिए, और उन्होंने संस्कृत व परंपराओं का हवाला देते हुए जीवनसाथी की भूमिका समझाने का प्रयास किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि एक संत को इस प्रकार की उपमाओं और अंग्रेजी के शब्दों का प्रयोग कर पत्नी को ‘आनंद का साधन’ बताना शोभा नहीं देता।
उन्होंने कहा कि पत्नी वह शक्ति होती है, जो सावित्री बनकर यमराज से भी अपने पति के जीवन की रक्षा कर सकती है।
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