उत्तराखंड – 28 नवम्बर देहरादून कैंट, राजभवन ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष “विमर्श” कार्यक्रम में सुरक्षा, पर्यावरण और पर्यटन पर विशेषज्ञों ने व्यापक विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल चतुर्वेदी, पूर्व आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. सिंह, कीर्ति चक्र व शौर्य चक्र सम्मानित ऋषि बब्बर, पर्यावरणविद कल्याण सिंह रावत (पद्मश्री) और कमांडर दीपक खंडूरी मौजूद रहे। वक्ताओं ने बताया कि चीर के पेड़ अंग्रेजों की देन हैं और इनके कारण उत्तराखंड में बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियां सामने आ रही हैं।
मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि राज्य की लंबी सीमा तिब्बत और नेपाल से लगने के कारण सरहदी गांवों को सड़क, संचार और आधुनिक सुविधाओं से तेजी से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने मधुमक्खी पालन, एरोमा उद्योग और मोटे अनाज को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित युवाओं और पूर्व सैनिकों को उत्तराखंड का “राजदूत” बताते हुए उनकी सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और ऊर्जा की विशेष प्रशंसा की।






