भारत की ऋषि-मुनि परंपरा ही विश्व कल्याण का मार्ग : योगी आदित्यनाथ
प्रकृति और जीव सेवाभाव से बनता है श्रेष्ठ समाज : योगी

यूपी – गाजियाबाद, तरूणसागरम्, बसंतपुर सेंतली, दिल्ली–मेरठ रोड, मुरादनगर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणम् एवं 100 दिनों में निर्मित नई गुफा मंदिर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजन समिति ने उनका कमंडल, माला, चित्र और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जैन धर्म के मंत्रों का उच्चारण करते हुए कार्यक्रम समिति और उपस्थित गणमान्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ और क्रांतिकारी संत तरुण सागर की स्मृतियों को नमन करना उनके लिए सौभाग्य का क्षण है।

योगी ने कहा कि आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य और स्वच्छ वातावरण आवश्यक है, जिसे भारत ने सदैव दुनिया को मार्गदर्शन के रूप में दिया है। भारतीय ऋषि-मुनि परंपरा पूरे विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर दिए गए नौ संकल्पों—पानी का संरक्षण, मां के नाम एक पेड़, स्वच्छता मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश दर्शन, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवनशैली, योग–खेल को जीवन में अपनाना तथा गरीब कल्याण के लिए समर्पण—को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि जैन समाज इन संकल्पों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
योगी ने प्रसन्ना जी महाराज और उपाध्याय मुनीश्री पीयूष जी महाराज की कठोर तपस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि संकल्प के आगे सब संभव है—“पिंड में ही ब्रह्मांड समाया है”।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया। समारोह में महापौर, क्षेत्रीय विधायक, भाजपा महानगर अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







