
यूपी – गाजियाबाद, जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, सेंट्रल मार्केट में 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने की। इस अवसर पर लेबर विभाग के पूर्व कमिश्नर के एन अग्रवाल, अधिवक्ता मनोज कुमार राय (विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अनुशासन समिति सदस्य) सहित विधि प्रकोष्ठ के सभी अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना का महत्व और उसके मूल आदर्शों—न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता—पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संविधान भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने का संकल्प है। न्यायपालिका संविधान की संरक्षक है और अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे न्यायालय में संवैधानिक मूल्यों के आधार पर तर्क प्रस्तुत करें, जिससे हर नागरिक को सम्मानजनक विधिक अवसर प्राप्त हो सके।
अधिवक्ताओं ने आश्वासन दिया कि गरीब, मजदूर और पीड़ित व्यक्तियों की कानूनी लड़ाई निशुल्क लड़ी जाएगी। के एन अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी मजदूर का वेतन रोका गया हो, उसे प्रताड़ित किया जा रहा हो या कार्यस्थल पर दुर्घटना हुई हो, तो विधि प्रकोष्ठ उसके लिए बिना किसी शुल्क के सम्पूर्ण कानूनी सहायता प्रदान करेगा।
जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि विधि प्रकोष्ठ जनता और न्याय के बीच सेतु का कार्य करता है। उद्देश्य है कि कानूनी सलाह को सरल बनाकर आमजन में जागरूकता फैलाई जाए और जरूरतमंदों को निशुल्क सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि संविधान का सफल क्रियान्वयन सरकार, न्यायपालिका, नागरिकों और अधिवक्ताओं की संयुक्त जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में डोली त्यागी, ए.के. त्रिपाठी, रस्तोगी, अंकित रस्तोगी, संदीप यादव, सुनील चौधरी, आशुतोष गुप्ता, सुशील शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, उमेश कुमार, सलीम सैफी, गोयल साहब व इस्लाम सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।







