
यूपी – गाजियाबाद, फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र को याद करते हुए हर्ष ENT हॉस्पिटल, गाजियाबाद के डायरेक्टर और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी.पी.एस. त्यागी भावुक हो उठे। गगन मीडिया से विशेष बातचीत में डॉ. त्यागी ने धर्मेंद्र से जुड़ी कई दिलचस्प और भावनात्मक यादें साझा कीं।
डॉ. त्यागी ने कहा कि धर्मेंद्र केवल सुपरस्टार नहीं थे, बल्कि हर घर की भावनाओं से जुड़े अभिनेता थे। 300 से अधिक फिल्मों में काम कर उन्होंने हर पीढ़ी का दिल जीता। जाट समाज में उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि लोग उन्हें परिवार के सदस्य जैसा मानते थे। उन्होंने मेरठ-बागपत क्षेत्र की एक यादगार घटना साझा करते हुए बताया कि सरधना के बूढ़ा बाबू मेले में जब ‘मेरा गाँव मेरा देश’ फिल्म के एक सीन में धर्मेंद्र को पिटते दिखाया गया, तो उपस्थित लोगों ने आक्रोश में पर्दा फाड़ दिया। यह उनके प्रति लोगों के अपार प्रेम का प्रमाण है।
धर्मेंद्र के डायलॉग आज भी लोगों की ज़ुबान पर ताज़ा हैं। ‘शोले’ का मशहूर संवाद “बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना” आज भी दर्शकों में वही उत्साह जगाता है। डॉ. त्यागी कहते हैं कि करोड़ों प्रशंसक उन्हें हमेशा उनके एक्शन, मुस्कान और आवाज में याद रखेंगे।
उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र को भले ‘ही-मैन’ कहा गया, लेकिन उनके दिल में हमेशा एक किसान बसता था। अंतिम वर्षों में भी वे फार्महाउस पर ऑर्गेनिक खेती करते रहे और ज़मीन से जुड़े रहे। डॉ. त्यागी ने कहा कि धर्मेंद्र जैसा व्यक्तित्व बार-बार नहीं मिलता। उनका निधन फिल्म जगत ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
धर्मेंद्र भले दुनिया से विदा हो गए हों, लेकिन उनका सिनेमा, उनका स्नेह और उनके किरदार हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।







