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लेबर कोड लागू करने के विरोध में औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का प्रदर्शन

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गाजियाबाद और हापुड़ में मजदूर संगठनों ने प्रतियाँ जलाकर जताया रोष

यूपी – गाजियाबाद, केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को मजदूर विरोधी बताए जा रहे चार लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना जारी किए जाने के विरोध में शनिवार को गाजियाबाद के साइट-4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मैसर्स एसएफसी सॉल्यूशन (बीटीआर वाडको), होलीफेथ इंटरनेशनल (एमबीडी) और द इंडोर लिमिटेड के गेटों पर श्रमिकों ने लेबर कोड की प्रतियाँ जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड वीरेंद्र गौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूँजीपतियों के हित में 29 श्रम कानून समाप्त कर 4 लेबर कोड पाँच वर्ष पूर्व तैयार किए थे, जिन्हें मजदूर विरोध के चलते लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के तुरंत बाद सरकार ने इन ‘गुलामी के दस्तावेजों’ को लागू कर उद्योगपतियों को मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट दे दी है। गौड़ ने कहा कि मजदूर वर्ग इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष करेगा।

उन्होंने बताया कि पूरे देश में विरोध हो रहा है और 26 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मजदूरों और किसानों द्वारा बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।

गाजियाबाद में हुए प्रदर्शनों में सीटू के जिला महासचिव जी एस तिवारी, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, सचिव बी के एस चौहान, उपाध्यक्ष विजय सिंह और अनिल कुमार ने भी संबोधित किया।

इसी क्रम में हापुड़ के डासना औद्योगिक क्षेत्र में मैसर्स मून बेवरिज (कोका-कोला) के गेट पर एटक और सीटू ने संयुक्त प्रदर्शन कर लेबर कोड की प्रतियाँ जलाईं। यहाँ प्रदर्शनकारियों को सीटू के जिलाध्यक्ष वेदपाल नागर, उपाध्यक्ष कन्हैया मिश्रा, एटक के जिला सचिव मोहम्मद सुलेमान और जिलाध्यक्ष अजित त्यागी ने संबोधित किया।

इन प्रदर्शनों में देवेंद्र शर्मा, केके तोमर, मनोज शाह, विजय सिंह, सुनील कुमार, अजय, प्रदीप वर्मा, रंजीत तोमर सहित सैकड़ों श्रमिक मौजूद रहे।