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सप्त शक्ति संगम में मातृशक्ति ने लिया विकसित भारत का संकल्प

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दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर, नेहरू नगर में कार्यक्रम सम्पन्न

यूपी – गाजियाबाद, दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर, नेहरू नगर में मंगलवार को “सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित यह प्रतिष्ठित स्कूल उन 30,000 से अधिक संस्थानों में शामिल है जहाँ इस वर्ष सप्त शक्ति संगम के भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में लगभग 500 माता-बहिनों ने भाग लेकर मातृशक्ति की सामूहिक शक्ति एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अपने दायित्व का संकल्प दोहराया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस संगम के दौरान मातृशक्ति ने कुटुम्ब व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी को बढ़ावा देने, पारिवारिक जीवन मूल्यों को मजबूत करने तथा बच्चों के संस्कारवान विकास में अपनी निर्णायक भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का निश्चय किया। कार्यक्रम के अंतर्गत वीर बलिदानी जितेंद्र शिशोदिया के परिवार को भी सम्मानित किया गया। शिशोदिया 21 राजपूताना राइफल्स में सेवारत थे और 21 नवंबर 2017 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ऑपरेशन रक्षक के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे।

संगम की मुख्य वक्ता, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बालिका शिक्षा संयोजिका रेखा चूड़ा समा ने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय जीवन शैली—भाषा, भूषा, भोजन, भजन, भ्रमण और भवन—सांस्कृतिक पहचान का मूल आधार है। उन्होंने सात स्त्री-गुण—कीर्ति, श्री, वाक, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। बच्चों को मोबाइल से दूर रखने, परिवार के साथ एक समय भोजन करने और प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने की सलाह भी दी।

प्रांत संयोजिका वंदना वर्मा ने उपस्थित मातृशक्ति को सशक्त और विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गाजियाबाद महापौर सुनीता दयाल ने की, जिन्होंने संकल्पों को व्यवहार में उतारने की अपील की।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, आचार्य बहिनों और विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।