Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
img-20260320-wa00301462326132922532701.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

भारत सरकार द्वारा चारों श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन का ICIM ने किया स्वागत

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद, भारतीय औद्योगिक प्रबंधन परिषद (ICIM) ने भारत सरकार द्वारा चारों श्रम संहिताओं के औपचारिक क्रियान्वयन को ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका गर्मजोशी से स्वागत किया है। ICIM के चेयरमैन सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद यह श्रम क्षेत्र का सबसे व्यापक, आधुनिक और प्रगतिशील सुधार है, जो देश के करोड़ों श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त भविष्य प्रदान करेगा।

सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएँ— वेतन संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियाँ संहिता 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता 2020— कुल 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को एकीकृत कर एक सरल, पारदर्शी और तकनीक-आधारित ढाँचा तैयार करती हैं।

इन संहिताओं से संगठित, असंगठित, गिग, प्लेटफ़ॉर्म और प्रवासी सभी श्रमिकों को सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम एवं समय पर वेतन, सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल, तथा महिलाओं और युवाओं के लिए बढ़ते अवसर जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे। इससे श्रमिक समुदाय को सुरक्षा, पारदर्शिता और बेहतर कार्य–जीवन संतुलन सुनिश्चित होगा।

उद्योग जगत के लिए भी ये प्रावधान उल्लेखनीय लाभ प्रदान करते हैं, जिनमें एकल पंजीकरण, एकल लाइसेंस, देशभर में समान अनुपालन व्यवस्था, डिजिटल निरीक्षण प्रणाली और श्रम विवाद समाधान में स्पष्टता जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इससे निवेश, रोजगार सृजन, उत्पादकता और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि चारों श्रम संहिताएँ केवल कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक और श्रम ढाँचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने वाला दीर्घकालिक परिवर्तन हैं। ये सुधार विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।