यूपी – गाजियाबाद, जनपद में आवासीय परियोजनाओं से जुड़ी बढ़ती शिकायतों के बीच एक प्रमुख मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर मजिस्ट्रेट ने पुलिस उपायुक्त (नगर), कमिश्नरेट गाजियाबाद को पत्र जारी कर विकासकर्ता क्लासिक होम्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई आवेदिका नीति शर्मा की शिकायत के आधार पर की गई है, जिन्होंने 20 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान अपनी शिकायत प्रस्तुत की थी।
आवेदिका के अनुसार उन्होंने क्लासिक होम्स, राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट संख्या ए-802 और ए-602 बुक किए थे तथा पूरा भुगतान भी किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो बुकिंग रसीद दी गई और न ही पजेशन दिया जा रहा है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। प्रशासन द्वारा आवासीय कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक में शिकायतकर्ता और क्लासिक होम्स के प्रतिनिधि विद्या शुक्ला को कई बार बुलाकर बातचीत कराई गई, किंतु समाधान नहीं निकल सका।
प्रशासन ने बताया कि विकासकर्ता द्वारा शिकायतकर्ता को बुक किए गए फ्लैट न देने और उल्टा पैसा जबर्दस्ती वापस करने की धमकी देना गंभीर मामला है, जो स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न को दर्शाता है। इसी आधार पर प्रशासन ने भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने को न्यायोचित माना है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रकरण में तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नगर मजिस्ट्रेट ने पुलिस विभाग से अनुरोध किया है कि जिलाधिकारी के आदेशों के अनुरूप संबंधित थाने को त्वरित और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। प्रशासनिक सख्ती के इस कदम से आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।







