यूपी – गाजियाबाद, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट ने जनपद के सभी ईंट-भट्टा स्वामियों को निर्देशित किया है कि Commission for Air Quality Management in NCR and Adjoining Areas द्वारा जारी GRAP के प्रावधानों के चलते जनपद में संचालित सभी ईंट-भट्टों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। यह निर्णय 12 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के तेज़ी से गिरते स्तर और GRAP स्टेज-3 लागू होने की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
निर्देशों के अनुसार, अगली सूचना तक किसी भी ईंट-भट्टे का संचालन अनुमति योग्य नहीं होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण के इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई ईंट-भट्टा संचालक इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यह दंड सीधे संचालक की जिम्मेदारी माना जाएगा।
प्रशासन ने कहा है कि वायु गुणवत्ता को सामान्य स्तर पर लाने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। ईंट-भट्टों से निकलने वाला धुआँ और कण प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण माना जाता है, इसलिए GRAP स्टेज-3 के तहत इनके संचालन पर रोक अनिवार्य है। अधिकारियों ने सभी ईंट-भट्टा स्वामियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे आदेशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सके।







