विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बाँधा समा
यूपी – गाजियाबाद, वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में अमर बलिदानी रानी लक्ष्मी बाई जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रानी लक्ष्मी बाई के शौर्य, साहस और देशभक्ति पर आधारित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें समूह गान, एकल गान, कविताएं, भाषण और नृत्य प्रमुख रहे। कार्यक्रमों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और सभागार देशभक्ति के रंग में रंग गया।

इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि रानी लक्ष्मी बाई केवल संघर्ष और पराक्रम का प्रतीक ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की प्रेरणा भी हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को उनके जीवन से सीख लेकर राष्ट्र के प्रति समर्पण और जागरूकता का भाव विकसित करना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि महिला कभी निर्बल नहीं होती, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर वह काली और दुर्गा की शक्ति बनकर अन्याय और दुष्टता का विनाश करने की क्षमता रखती है।
समारोह में विद्यार्थियों ने रानी लक्ष्मी बाई के व्यक्तित्व और कृतित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रियंका, मनी, आइशा उपाध्याय, भावना, कशिश, नेहा, खुशी और सोनी ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रानी के अदम्य साहस और देशप्रेम को सजग भाव से दर्शाया। इनके द्वारा प्रस्तुत रचनाओं और गीतों ने उपस्थित जनों को रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान की स्मृति में डुबो दिया।
कार्यक्रम का संचालन श्रुति और आंचल ने किया। दोनों ने प्रभावी मंच संचालन से पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया।
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित इस आयोजन ने न केवल देश के वीर स्वतंत्रता संग्राम की यादें ताज़ा कीं बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, वीरांगना के आदर्श और देश सेवा की प्रेरणा को भी प्रबल किया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक मूल्यों और त्याग की भावना को आत्मसात करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।







