Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
img-20260320-wa00301462326132922532701.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को जन्मदिवस पर विश्व ब्रह्मर्षि ब्राह्मण महासभा ने किया नमन

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद जीटी रोड रेलवे मोड़ पर विश्व ब्रह्मर्षि ब्राह्मण महासभा के आयोजन में पीठाधीश्वर बी.के. शर्मा हनुमान ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, साहस, राष्ट्रप्रेम और अदम्य वीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह 21वीं सदी की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर 1828 को जन्मी वीरांगना लक्ष्मीबाई ने बचपन से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी और युद्धकला सीख ली थी।

उनके पुत्र के निधन और दत्तक पुत्र दामोदर राव को उत्तराधिकारी न मानने पर अंग्रेजों ने झांसी पर कब्जे की घोषणा कर दी, जिसके बाद रानी ने अदम्य साहस के साथ ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। पुरुष वेश में, बच्चे को पीठ पर बाँधकर दो तलवारों से लोहा लेते हुए उन्होंने 1857 के संग्राम में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।

कालपी से ग्वालियर तक जारी संघर्ष में 17 जून 1858 को वह वीरगति को प्राप्त हुईं। बी.के. शर्मा हनुमान ने कहा कि उनकी वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति हर भारतीय के हृदय में सदैव अमर रहेगी।

कार्यक्रम में संयोजक अशोक भारतीय, युवा महानगर अध्यक्ष कार्तिक शर्मा, संदीप त्यागी रसम, राष्ट्रीय महासचिव सुभाष शर्मा, विनीत शर्मा, ऋषिपाल शर्मा, डॉ. नानक चंद तोमर, मोहित वर्मा, संजय कुमार, विनय कुमार, पवन वर्मा, वसीम, पार्थ दास, अमल विश्वास, एस.के. मिश्रा, डी.के. वासु, संजय सिंह, दिलीप कुमार, एस.के. शिखधर, मिलन मंडल, अतुल शर्मा, नरेंद्र मेहता, डी.के. सिंह, रामबीर सिंह, राधाकृष्ण शर्मा, श्यामलाल सरकार, रंजीत पोद्दार, दीप रॉय, ए. खालिद सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।