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धर्म और सेवा की मिसाल बनी ‘धर्म रक्षक यात्रा’, नगर कीर्तन में बड़ी सहभागिता

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यूपी – गाजियाबाद, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित ऐतिहासिक धर्म रक्षक यात्रा ने पूरे उत्तर भारत में श्रद्धा और सेवा का एक अनोखा वातावरण बनाया। श्री आनंदपुर साहिब से प्रारंभ होकर दिल्ली तक पहुंची इस पवित्र यात्रा में बड़ी संख्या में संगत और सेवक जुड़े। गाज़ियाबाद से भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष बलप्रीत सिंह भी इस नगर कीर्तन में शामिल रहे और उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया।

बलप्रीत सिंह के अनुसार यात्रा की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि उन्हें दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के साथ रहकर सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि कालका के नेतृत्व में कमेटी का समर्पण, संगठन क्षमता और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था देखने योग्य थी। यात्रा जब पंजाब और हरियाणा से होती हुई दिल्ली पहुंची, तो विभिन्न स्थानों पर संगत ने पुष्प वर्षा कर गुरु साहिब की पालकी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

पूरी यात्रा के दौरान माहौल भक्ति, उत्साह और सेवा भावना से भरा रहा। गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को समर्पित यह यात्रा धर्म, मानवता और त्याग की उस विरासत को जीवंत करती दिखी, जिसके लिए गुरु साहिब को ‘हिंद दी चादर’ कहा जाता है। बलप्रीत सिंह ने कहा कि यह अवसर उनके लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत प्रेरणादायक रहा और वह वाहेगुरु का आभार प्रकट करते हैं कि उन्हें इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनने का मौका मिला।

उन्होंने सभी संगत और सेवकों को प्रणाम करते हुए कहा—
“वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।”

इस यात्रा ने समाज में एकता, सद्भाव और सेवा के संदेश को नए सिरे से स्थापित किया।