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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भाजपा द्वारा ‘जनजातीय गौरव दिवस’ का आयोजन

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आदिवासी समाज के संघर्ष, बलिदान और सांस्कृतिक गौरव की स्मृति में जन-जागरण एवं सम्मान कार्यक्रम

यूपी – गाजियाबाद, भगवान बिरसा मुंडा भारत के स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक जागरण के अमर प्रतीक हैं। उनके संघर्ष ने स्वाधीनता, सांस्कृतिक अस्मिता और आत्मसम्मान को नई दिशा प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने का ऐतिहासिक कदम है।

प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल समाज सुधारक नहीं, बल्कि स्वतंत्रता चेतना के प्रथम शिल्पकारों में से एक थे। मोदी सरकार ने जनजातीय समाज के लिए एकलव्य मॉडल विद्यालय, जनजातीय विकास मिशन और वन-धन केंद्रों जैसी योजनाओं के माध्यम से ठोस कार्य किए हैं।

भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र शिशौदिया ने कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य, समरसता और आध्यात्मिक जीवन मूल्य आदिवासी संस्कृति की पहचान हैं। भाजपा संगठन लोक-संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि बिरसा मुंडा ने समाज को अन्याय और दमन के विरुद्ध संगठित होने की प्रेरणा दी। केंद्र और प्रदेश सरकारें आदिवासी संग्रहालय, स्वास्थ्य, आवास और कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से समाज की गरिमा को पुनर्स्थापित कर रही हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष चैन पाल सिंह ने कहा कि राँची, भोपाल, रायपुर, हैदराबाद, कोच्चि आदि में स्थापित संग्रहालय जनजातीय संस्कृति और इतिहास के पुनर्जीवन का प्रतीक हैं।

सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” की नीति के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास योजनाएँ जनजातीय समाज में नए परिवर्तन ला रही हैं।

कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि बिरसा मुंडा का संदेश — “अपनी भूमि, अपनी संस्कृति, अपना स्वाभिमान” — आज भी प्रासंगिक है। प्रदेश सरकार जनजातीय छात्रावासों और कौशल केंद्रों के माध्यम से सामाजिक उत्थान को गति दे रही है।

मंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जनजातीय भाषा, परंपराएँ और लोकविश्वास भारत की सांस्कृतिक जड़ों की पहचान हैं, जिनका संरक्षण हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल ने कहा कि विकास तब सार्थक होता है जब वह सम्मानपूर्वक समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निकाय स्तर पर आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

विधायक अजीत पाल त्यागी (मुरादनगर) ने कहा कि जल-जंगल-जमीन को देवत्व भाव से पूजने वाली जनजातीय जीवनशैली विश्व को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देती है। विधायक संजीव शर्मा (शहर) ने कहा कि यह दिवस समाज में एकता, समरसता और राष्ट्र निर्माण की चेतना जगाने वाला पर्व है। विधायक नंदकिशोर गुर्जर (लोनी) ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन साहस, स्वाभिमान और संगठन की प्रेरणा देता है। विधायक डॉ. मंजू शिवाच (मोदीनगर) ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण योजनाएँ जनजातीय समाज को नई दिशा दे रही हैं।

महानगर मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती केवल स्मरण नहीं, बल्कि संगठित और सशक्त समाज निर्माण का आह्वान है। महानगर में जन-जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाएंगे। भाजपा जिला एवं महानगर संगठन इस आयोजन को गरिमामय रूप से सम्पन्न कराने के लिए संकल्पबद्ध है।