यूपी – गाजियाबाद, गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक शायर कृष्ण बिहारी ‘नूर’ की 100वीं जयंती पर नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में संस्था ‘बारादरी’ की ओर से भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। देशभर के नामचीन शायरों और कवियों ने नूर साहब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इरफान आज़मी ने की, जिन्होंने कहा कि नूर साहब की विरासत को विश्व स्तर पर स्थापित करना हम सबका संकल्प होना चाहिए। मुख्य अतिथि नीना ‘सहर’ ने कहा कि नूर साहब ने आधुनिक शायरी में गंगा-जमुनी तहजीब को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। संस्था की संस्थापिका डॉ. माला कपूर ‘गौहर’ ने कहा कि नूर साहब की काव्य यात्रा लखनऊ से शुरू होकर गाजियाबाद में पूर्ण हुई और हमें उनकी तहजीब विरासत में मिली है।
इस अवसर पर गोविंद गुलशन, तरुणा मिश्रा, मासूम गाजियाबादी, सुरेंद्र सिंघल और अन्य शायरों ने अपने अशआर से महफ़िल को रोशन किया। डॉ. सुधीर त्यागी को ‘बारादरी जीवन पर्यन्त साहित्य सृजन सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन आलोक यात्री ने किया और अतिथियों का आभार जताया।
कार्यक्रम में खुर्रम ‘नूर’, जगदीश पंकज, वेद प्रकाश ‘वेद’, ताबिश ख़ैराबादी, डॉ. रणवीर परमार, सुधा गोयल, रवि पाराशर, सोनम यादव सहित अनेक कवि-कवयित्रियां मौजूद रहीं। श्रोताओं में डॉ. स्मिता सिंह, पंडित सत्यनारायण शर्मा, राधा रमण, राकेश मिश्रा आदि साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए। महफ़िल में नूर साहब की शायरी और तहजीब के रंगों ने सबका दिल जीत लिया।







