यूपी – गाजियाबाद पैरेंट एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026–27 में लगभग 6.5 लाख आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि यह कदम सभी वर्गों के बच्चों को समान शिक्षा के अवसर देने की दिशा में सराहनीय पहल है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
एसोसिएशन ने बेसिक शिक्षा विभाग से आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने की मांग की है ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही सुझाव दिया गया कि प्रत्येक जनपद में हेल्प डेस्क और आरटीई सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं, आवेदन प्रक्रिया की जानकारी समय रहते सार्वजनिक की जाए और निजी विद्यालयों को आरटीई सीटों पर प्रवेश से इनकार न करने के निर्देश दिए जाएं।
संगठन ने अभिभावकों से आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, आय और निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र आदि तैयार रखने की अपील की। गाजियाबाद पैरेंट एसोसिएशन जल्द ही शहर में निःशुल्क परामर्श शिविर आयोजित करेगा ताकि पात्र परिवारों को आवेदन में सहायता मिल सके।







