यूपी – गाजियाबाद, 6 नवम्बर 2025 — शादी-ब्याह के सीज़न के साथ गाजियाबाद में फिर से आतिशबाज़ी का सिलसिला तेज़ हो गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में देर रात तक पटाखों की गूंज और धुएं से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध और दिशा-निर्देशों की खुली अनदेखी की जा रही है।
प्रसिद्ध ईएनटी सर्जन और समाजसेवी डॉ. बी.पी. त्यागी ने इस स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2018 में सिर्फ ‘ग्रीन क्रैकर्स’ को सीमित समय और नियंत्रित ध्वनि स्तर के साथ अनुमति दी थी, लेकिन अधिकांश जगहों पर इसका पालन नहीं हो रहा है। डॉ. त्यागी ने कहा कि “ध्वनि प्रदूषण 220 डेसिबल से ऊपर पहुंच रहा है, जो बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों के लिए बेहद हानिकारक है।” यह न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि नागरिक जिम्मेदारी से भी मुंह मोड़ने जैसा है।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से सख्त निगरानी रखने तथा कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही लोगों से अपील की कि वे कानून का सम्मान करें और स्वच्छ, सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें।







