यूपी – गाजियाबाद नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.पी. त्यागी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखी अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने आस-पास के पौधों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना चाहिए, ताकि पौधों की पत्तियों पर जमी धूल साफ हो सके। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति “आर्टिफिशियल रेन” यानी कृत्रिम वर्षा जैसा छिड़काव पौधों पर करे, तो यह न केवल पौधों की सेहत के लिए लाभकारी होगा, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद करेगा।
डॉ. त्यागी ने बताया कि धूल और प्रदूषण पौधों की पत्तियों पर जमकर उनके प्रकाश संश्लेषण (फोटोसिंथेसिस) की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करते हैं। इससे पौधे कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को अवशोषित नहीं कर पाते और ऑक्सीजन (O₂) का उत्सर्जन घट जाता है। उन्होंने कहा, “यदि हम केवल एक पौधे की पत्तियों की धूल साफ कर दें, तो वह पौधा लगभग दस लोगों को ऑक्सीजन प्रदान करने में सक्षम हो जाता है।”
उन्होंने आगे बताया कि धूल और प्रदूषण न केवल पौधों की कार्यक्षमता को कम करते हैं, बल्कि उनकी आयु को भी घटा देते हैं। इसलिए हर नागरिक को सप्ताह में कम से कम एक बार अपने आस-पास के पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव अवश्य करना चाहिए।
डॉ. त्यागी ने इसे “हरित स्वास्थ्य अभियान” के रूप में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि पौधों की सफाई सिर्फ पर्यावरण ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य से भी सीधा जुड़ा कदम है।







