यूपी – गाजियाबाद लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र-1, स्वरूप पार्क जी.टी. रोड, साहिबाबाद के प्रांगण में “आधुनिक भारत के शिल्पकार” दिवस के रूप में लौह पुरुष, भारत रत्न, स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजवादी चिंतक एवं शिक्षाविद राम दुलार यादव, मुख्य अतिथि मूर्धन्य लेखक व समाजसेवी सरदार अमरजीत सिंह कलिंगा, तथा अध्यक्ष इंजी. हरिभान सिंह पटेल रहे। आयोजन का संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र व संयोजन इंजी. धीरेन्द्र यादव ने किया। गीतकार हुकुम सिंह ने ज्ञानपीठ संदेश “लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है, शिक्षा और चिकित्सा को घर-घर पहुँचाना है” प्रस्तुत किया।
राम दुलार यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता, किसानों, कामगारों और कमजोर वर्गों के उत्थान हेतु जीवन समर्पित किया। उन्होंने 565 रियासतों को जोड़कर आधुनिक भारत का निर्माण किया और प्रशासन की निष्ठा संविधान व राष्ट्र के प्रति समर्पित रहने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद देश में नफरत फैलाने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगाकर सरदार पटेल ने एकता की मिसाल पेश की।
मुख्य अतिथि अमरजीत सिंह कलिंगा ने कहा कि सरदार पटेल ने विभाजित भारत को एक सूत्र में पिरोकर असंभव को संभव कर दिखाया। अध्यक्ष इंजी. हरिभान सिंह पटेल ने सभी विद्वानों, पत्रकारों व कलाकारों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में डा. देवकर्ण चौहान, त्रिलोकी, सम्राट सिंह यादव, जगन्नाथ प्रसाद, एस.एन. जायसवाल, ओमप्रकाश अरोड़ा, हरिकृष्ण, हुकुम सिंह, मोहम्मद यासीन, ब्रह्म प्रकाश, हरेंद्र, अमृतलाल चौरसिया, श्री नारायण सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।







