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गाँव का जीवन शहरी जीवन की भागदौड़ से बिल्कुल अलग है : बीके शर्मा हनुमान

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यूपी – गाजियाबाद विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने अपने गांव जहांगीरपुर जिला गाजियाबाद में अपने कुलदेवता महाराज का दर्शन कर पूजा अर्चना के पश्चात गांव में अपने कुटुंब कबीले के साथ भगवान गोवर्धन की पूजा अर्चना करते हुए बताया गाँव का जीवन शहरी जीवन की भागदौड़ से बिल्कुल अलग है।

ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने अपने गांव जहांगीरपुर, जिला गाजियाबाद के बारे में बताया जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने बताया कि गाँव का जीवन शहरी जीवन से बिल्कुल अलग है, जहाँ समय ठहर जाता है, पड़ोसी परिवार की तरह हो जाते हैं, और जीवन की साधारण चीज़ों को संजोया जाता है।

गाँव के जीवन में सामुदायिक भावना बहुत मजबूत होती है, जहाँ लोग एक-दूसरे को जानते हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। गाँव की सांस्कृतिक विरासत भी बहुत समृद्ध है, जहाँ प्राचीन रीति-रिवाज और प्रथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं।

गाँव का जीवन सरल और शांतिपूर्ण होता है, जहाँ लोग प्रकृति की सुंदरता और जीवन के सरल सुखों का आनंद ले पाते हैं। कृषि ग्रामीण जीवन की रीढ़ है, जहाँ कई निवासी खेती, पशुपालन या अन्य संबंधित गतिविधियों में लगे रहते हैं।

गाँव के जीवन में चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोज़गार के अवसरों की सीमित पहुँच। लेकिन गाँव लचीले होते हैं, और ज़रूरत के समय समुदाय एक-दूसरे का साथ देने के लिए एकजुट होते हैं।

गाँव के जीवन की सरलता और सुंदरता को देखकर, कई लोग शहरी जीवन से गाँव की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जहाँ लोग प्रकृति और एक-दूसरे के साथ सामंजस्य बिठाकर रहते हैं।