यूपी – गाजियाबाद शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखे जाने की मांग को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अपनी मांगो का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
देश के सभी सेवारत प्राथमिक शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति पात्र होने के लिए शिक्षक पात्रता टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से सभी शिक्षक चिंतित हैं जिसमें मात्र 5 वर्ष की सेवा शेष रहने वाले शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट प्रदान की गई है लेकिन उन्हें भी पदोन्नति हेतु इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है जिसमें देश के बाकी सेवारत शिक्षकों को 2 वर्ष में टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य करते हुए कहा गया कि जो शिक्षक दो वर्षों में इस परीक्षा को उत्तीर्ण नहीं होंगे ऐसे शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाए।
प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अनुज त्यागी ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा एक बार ली जाने वाली परीक्षा है जिसे नियुक्ति के समय चयन के लिए बनाया गया है न कि सेवारत शिक्षकों की पात्रता को जांचने के लिए। जो शिक्षक शिक्षिकाएं दिनांक 23 अगस्त 2010 नोटिफिकेशन शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 से पूर्व नियुक्त है उनकी नियुक्ति के समय की योग्यता सेवा नियमावली के अनुरूप है जिस पर टीईटी की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। नियुक्ति के समय की न्यूनतम अर्हता सेवा काल में परिवर्तित नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा सरकार इस प्रकरण का सहानुभूति एवं व्यवहारिकता के साथ संज्ञान ले एवं लाखों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अधिनियम में आवश्यक संशोधन करें। सेवा नियमावली के अनुसार जिन शिक्षक शिक्षिकाओं को नियुक्ति के यथावत यथा समय योग्यता अनुसार नियुक्ति दी गई है उन्हें इस परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए व नियुक्ति के यथा समय योग्यता अनुसार पदोन्नति दी जाए। जिसको लेकर सैकड़ो शिक्षकों ने जिलाधिकारी गाजियाबाद के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं बेसिक शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा, प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अनुज त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदेश मित्तल, ब्लॉक अध्यक्ष लोनी मनोज डागर, ब्लॉक अध्यक्ष रजापुर मनोज त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष भोजपुर पुष्पेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मुरादनगर अमित यादव, कनक सिंह, लक्ष्मण राठी, दिनेश कुमार, मोहम्मद ग़ालिब सहित सैंकड़ों शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।





