
यूपी – गाजियाबाद से लखनऊ, अयोध्या होते हुए गोरखपुर में गोरक्षपीठ की ओर से ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ की 56 वीं और राष्ट्रसंत महंत अवैद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि में शामिल हुए गोरखपुर विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान, द्वारा तीन दिवसीय यात्रा करते हुए पहला पड़ाव लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ शिष्टाचार मुलाकात कर अपने विचार साझा करते हुए उनको अंग वस्त्र, भगवान श्री राम स्मृति चिन्ह देते हुए सम्मान किया।

तत्पश्चात उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं शहरी विकास मंत्री ए के शर्मा से आत्मीयता भेंट कर उनका भी अंग वस्त्र एवं श्री राम का स्मृति चिन्ह देखकर सम्मान कर मनकामेश्वर सिद्ध मंदिर दर्शन कर महंत दिव्या गिरी का सम्मान करते हुए आशीर्वाद प्राप्त कर अयोध्या धाम पहुंचे जहां भगवान श्री रामचंद्र जी के दर्शन कर हनुमान जी महाराज का आशीर्वाद लेकर गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर में गोरक्षपीठ की ओर से ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 56वीं और राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि पर 4 से 11 सितंबर तक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित श्रद्धांजलि सप्ताह की शुरुआत 4 सितंबर को अखंड ज्योति प्रज्वलन और शोभायात्रा से हुई थी। प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। कथा वाचन अयोध्या धाम के जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज के मुखारविंद से संपन्न हुई। मंदिर के सचिव द्वारिका प्रसाद तिवारी से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सानिध्य प्राप्त कर अपने आप को प्रफुल्लित महसूस किया। इस अवसर पर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा में अमूल्य योगदान दिया। वे पूरे देश में सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत माने जाते हैं। इस यात्रा में विशेष भूमिका निभा रहे विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रघुनंदन भारद्वाज भी मौजूद थे।





